सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारत के सतत भविष्य के लिए नई ऊर्जा के विकल्पों, तकनीकी नवाचार और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने पर बल दिया है। श्री गडकरी आज नई दिल्ली में केपीएमजी इंडिया के वार्षिक ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन सम्मेलन ‘एनरिच 2026’ के 17वें संस्करण को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देकर और आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करके देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत की जा सकती है।
श्री गडकरी ने कहा कि देश के भविष्य के विकास के लिए नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता बेहद जरूरी हैं। उन्होंने स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और अभियंताओं से ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव लाने वाली किफायती तकनीक विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जैव ईंधन, इथेनॉल, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से वायु प्रदूषण कम करने और टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था विकसित करने में मदद मिलेगी।
श्री गडकरी ने कृषि को ऊर्जा क्षेत्र से जोड़ने की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि कृषि अपशिष्ट और बायोमास स्वच्छ ऊर्जा के महत्वपूर्ण स्रोत बन सकते हैं। देश के वाहन उद्योग की उपलब्धियों के बारे में उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग का तेजी से विस्तार हुआ है और यह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा वाहन उद्योग बन गया है।