विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सरकारी अनुसंधान संस्थानों, उद्योग और स्टार्टअप्स के बीच मजबूत सहयोग का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि नवाचार को गति देने और यह सुनिश्चित करने के लिए सहयोग आवश्यक है कि वैज्ञानिक अनुसंधान बाजार तक पहुंचे और नागरिकों को लाभ पहुंचाए। कोलकाता में आज दो दिवसीय राइज कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि सरकार ने अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा सहित कई रणनीतिक वैज्ञानिक क्षेत्रों को निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी के लिए खोल दिया है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि एक मजबूत अनुसंधान-से-बाजार पारिस्थितिकी तंत्र तकनीकी आत्मनिर्भरता और विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण में योगदान देगा।
डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा सीएसआईआर की नई वेबसाइट का शुभारंभ करने सहित विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत की गई है। डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में आज निजी वैज्ञानिक संगठनों और सीएसआईआर के बीच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया है।
राइज कॉन्क्लेव – अनुसंधान, उद्योग और स्टार्टअप उद्यमिता – चार प्रमुख क्षेत्रों खनिज, औषधि, सामग्री और मशीनों पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य अनुसंधान-उद्योग संबंधों को मजबूत करना, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देना और वैज्ञानिक उद्यमिता को पोषित करना है।
यह सम्मेलन चार सीएसआईआर प्रयोगशालाओं- सीएसआईआर-आईआईसीबी, सीएसआईआर-सीजीसीआरआई, सीएसआईआर-सीएमईआरआई और सीएसआईआर-आईएमएमटी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। इसमें आईआईटी, अनुसंधान संस्थानों, उद्योग और स्टार्टअप के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
दो दिवसीय सम्मेलन का समापन कल होगा।