केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा कल नई दिल्ली में केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण परिषद की 16वी बैठक में एनीमिया मुक्त भारत अभियान के लिए परिचालन गत दिशानिर्देश जारी करेंगे। यह शुभारंभ एनीमिया मुक्त भारत से एनीमिया मुक्त भारत अभियान में परिवर्तित होने के कारण एनीमिया के विरूद्ध देश की लडाई में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
यह परिवर्तन अधिक व्यापक, जन केन्द्रित और प्रौद्योगिकी आधारित पहल में विकास को दर्शाता है। यह दिशानिर्देश सातवें लाभार्थी समूह, सातवें हस्तक्षेप और सातवें संस्थागत तंत्र के कार्यान्वयन से मौजूदा 6x6x6 कार्यनीति से 7x7x7 ढांचे में विस्तारित होगा। यह कार्यनीति पहले के टी-3 दृष्टिकोण अर्थात परीक्षण, उपचार और चर्चा से टी-4 दृष्टिकोण अर्थात परीक्षण, उपचार, चर्चा और ट्रैक में भी उन्नत होगी। इसमें गहन हीमोग्लोबिन परीक्षण, आयरन अल्पता एनीमिया के प्रोटोकॉल आधारित उपचार, व्यवस्थित फॉलोअप और लाभार्थियों का संदर्भ देना तथा स्वस्थ आहार संबंधी आदतों पर केंद्रित परामर्श देना शामिल है।
यह कदम कुपोषण से निपटने और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण के प्रति सरकार की सतत वचनबद्धता को दर्शाता है।