केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने महिलाओं, बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य के लिए वैश्विक एजेंडे को आगे बढ़ाने के प्रति भारत की मज़बूत प्रतिबद्धता को दोहराया है। उन्होंने आज जिनेवा में 79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा के दौरान ‘पार्टनरशिप फॉर मैटरनल, न्यूबॉर्न एंड चाइल्ड हेल्थ’-पी.एम.एन.सी.एच की बोर्ड अध्यक्ष हेलेन क्लार्क के साथ एक द्विपक्षीय बैठक की। बैठक के दौरान, श्री जगत प्रकाश नड्डा ने बोर्ड के उपाध्यक्ष और स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में पी.एम.एन.सी.एच में भारत की सक्रिय नेतृत्व भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि भारत का बीस लाख डॉलर का वार्षिक अनुदान योगदान अभी प्रक्रिया में है और जल्द ही इसे साझा किया जाएगा।
श्री नड्डा ने यह भी बताया कि भारत उन पहले देशों में से एक है जिसने 2014 में किशोरों के लिए एक समर्पित राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू किया था, जिसके तहत पूरे देश में स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों और समुदायों के माध्यम से युवाओं तक पहुँच बनाई गई। मातृ और शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में भारत की प्रगति का ज़िक्र करते हुए, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश ने मातृ मृत्यु अनुपात और शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी हासिल की है, और यह कमी वैश्विक रुझानों से भी तेज़ गति से हुई है। उन्होंने महिलाओं, बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य, और गैर-संक्रामक रोगों के बढ़ते बोझ सहित कई प्राथमिकताओं के क्षेत्रों में इस संगठन को सहयोग देने की भारत की इच्छा व्यक्त की।
बैठक के दौरान, सुश्री क्लार्क ने वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत के निरंतर नेतृत्व और योगदान की सराहना की, और पी.एम.एन.सी.एच तथा व्यापक वैश्विक स्वास्थ्य संरचना के भीतर देश की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया।