संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने सूडान के रणनीतिक शहर अल-ओबेद और उसके आसपास संभावित अत्याचारों के खतरे को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को संबोधित करते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आगे रक्तपात को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया।
वोल्कर तुर्क ने कहा कि लगातार ड्रोन हमलों तथा भोजन, पेयजल, ईंधन और स्वास्थ्य सेवाओं की भारी कमी के कारण नागरिकों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, सूडान का गृहयुद्ध, जो अप्रैल 2023 में सेना और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के बीच शुरू हुआ था, में कम से कम 59 हजार लोगों की जान जा चुकी है और लगभग एक करोड़ 30 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र ने आरएसएफ के नए हमलों और अल-ओबेद में नागरिकों के लिए बढ़ते खतरों पर चिंता व्यक्त की है।