सितम्बर 18, 2026 7:08 अपराह्न

printer

सच्ची प्रगति का अर्थ है आधुनिक प्रौद्योगिकी और विकास को अपनाना: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज कहा कि आधुनिक जीवन के बढ़ते तनाव के बीच योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता, आत्म-जागरूकता और मानसिक संतुलन को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है। उपराष्ट्रपति महाराष्ट्र के लोनावला स्थित कैवल्यधाम में गोरधनदास सेक्सरिया योग और सांस्कृतिक संश्लेषण महाविद्यालय के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
 
श्री राधाकृष्णन ने योग शिक्षा, अनुसंधान और सांस्कृतिक अध्ययन में संस्थान के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि कैवल्यधाम के संस्थापक स्वामी कुवलयानंद ने 1924 में योग के वैज्ञानिक अध्ययन की नींव रखी थी। उन्होंने कहा कि योग केवल एक पीढ़ी की परंपरा नहीं है, बल्कि विरासत है जिसे आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल और संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किए जाने के बाद योग को वैश्विक मान्यता मिली है।
 
उपराष्ट्रपति ने कहा कि सच्ची प्रगति का अर्थ है आधुनिक प्रौद्योगिकी और विकास को अपनाना, साथ ही अच्छी परंपराओं को संरक्षित रखना और उचित परिवर्तनों को स्वीकार करना। उन्होंने विद्यार्थियों से योग के मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आग्रह किया। इनमें अनुशासन, एकाग्रता, धैर्य और आत्म-जागरूकता शामिल हैं।
 
इस अवसर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कैवल्यधाम ग्लोबल के अध्यक्ष सुरेश प्रभु, मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी सुबोध तिवारी, शिक्षक, कर्मचारी और छात्र उपस्थित थे। 
सर्वाधिक पठित
सम्पूर्ण जानकारी arrow-right

कोई पोस्ट नहीं मिला