त्रिपुरा के पारंपरिक वाद्ययंत्र ‘त्रिपुरा सारिंदा’ को ‘जियोग्राफिकल इंडिकेशन’-जीआई टैग मिलने से राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहन मिला है। लकड़ी और तारों से बना यह वाद्ययंत्र राज्य के मूल समुदायों और आदिवासियों के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है, जो अपनी विशेष कारीगरी और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है। उम्मीद है कि जीआई टैग मिलने से त्रिपुरा की लोक परंपराओं को संरक्षित करने और बढ़ावा देने में मदद मिलेगी, साथ ही इस वाद्ययंत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिलेगी।
News On AIR | जून 16, 2026 4:37 अपराह्न | GI TAG
‘त्रिपुरा सारिंदा’ को मिला जीआई टैग, राज्य की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा