राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली में एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसियों और एकीकृत जनजातीय विकास परियोजनाओं को सुदृढ़ करने के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि देशभर में रहने वाला जनजातीय समाज सांस्कृतिक रूप से बहुत समृद्ध है और इन्हें आगे बढ़ाने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक गांव और व्यक्ति तक विकास पहुंचना चाहिए। राष्ट्रपति मुर्मु ने चिंता व्यक्त की कि अभी भी कुछ जनजातीय वर्गों को सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी नहीं है।
राष्ट्रपति ने सभी एजेंसियों और हितधारकों से जनजातीय कल्याण के लिए प्रत्येक पक्ष पर ध्यान देने को कहा। इसमें प्रत्येक जनजातीय बच्चे के लिए स्कूल और युवाओं के लिए रोजगार शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनजातीय युवाओं को खेल गतिविधियों में प्रतिभाग करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय लोग प्रतिभावान है, हम सबको मिलकर उसे पहचानने और आगे बढ़ाने में मदद करनी चाहिए।
राष्ट्रपति मुर्मु ने बेंगलुरू के भारतीय विज्ञान संस्थान के नैनो विज्ञान और इंजीनियरिंग केन्द्र में ट्रेनिंग फैब का भी उद्घाटन किया। राष्ट्रपति देशभर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 75 अंतरिक्ष प्रयोगशालाओं का भी उद्घाटन करेंगी। यह प्रयोगशालाएं जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से विकसित की गई है।
यह कार्यक्रम जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन के अंतर्गत देश भर में जनजातीय विकास के लिए जिम्मेदार संस्थागत प्रणालियों को सुदृढ़ करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसमें शासन सुधार, अभिसरण तंत्र और प्रौद्योगिकी-आधारित सेवा वितरण शामिल हैं।
सम्मेलन में 26 राज्य और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।