राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए कल से 28 फरवरी 2027 तक विंटर एक्शन प्लान लागू किया जाएगा। इसके अंतर्गत दिल्ली के बाहर के ऐसे वाहनों को राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, जो बीएस-6 मानकों को पूरा नहीं करते। इसके साथ ही, धूल प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली सरकार निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाएगी। सरकार ने कहा है कि निर्माण स्थलों की निगरानी एआई-सक्षम कैमरों के माध्यम से की जाएगी, जो सीधे सरकार के नियंत्रण एवं कमांड सेंटर से जुड़े होंगे। विंटर एक्शन प्लान के अंतर्गत 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम और ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नीति का कार्यान्वयन भी शामिल है। इस नीति के अंतर्गत वाहन मालिक पेट्रोल पंपों से पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या एलपीजी तब तक नहीं खरीद सकेंगे, जब तक उनके वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी) नहीं होगा। इसके साथ ही, इलेक्ट्रिक बसों, मेट्रो सेवाओं और अंतिम-मील कनेक्टिविटी को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य स्वच्छ वायु, स्वस्थ परिवार और प्रदूषण मुक्त दिल्ली सुनिश्चित करना है।
News On AIR | अक्टूबर 31, 2026 7:05 अपराह्न
वायु प्रदूषण से निपटने के लिए कल ऐसे वाहनों को राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, जो बीएस-6 मानकों को पूरा नहीं करते है