जुलाई 25, 2026 9:01 अपराह्न | Centre and CJP delegation

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सरकार द्वारा मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद सीजेपी ने की आंदोलन समाप्त करने की घोषणा

सीजेपी ने सरकार द्वारा उनकी मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद अपना आंदोलन वापस ले लिया है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल के साथ तीसरे दौर की चर्चा की। इसमें परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक रोकने के उपायों से संबंधित मांगों पर ध्यान केंद्रित किया गया। बाद में श्री जेपी नड्डा ने नई दिल्ली में प्रतिनिधिमंडल के साथ संयुक्त संवाददाता सम्‍मेलन में कहा कि सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है कि प्रदर्शनकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी और ना ही कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। श्री नड्डा ने कहा कि सरकार ने यह भी स्वीकार किया है कि यदि कोई एफआईआर दर्ज की गई है, तो उसे वापस ले लिया जाएगा और इसकी प्रतियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी। नीट यूजी पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वालों के परिवारों को मुआवजे के मुद्दे पर श्री नड्डा ने कहा कि सरकार को उनके साथ पूरी सहानुभूति है और वह नियमों तथा विनियमों के अनुरूप अधिकतम मुआवजा सुनिश्चित करेगी।

     परीक्षा सुधारों पर सीजेपी के पांच सूत्री प्रस्ताव पर श्री नड्डा ने कहा कि सरकार इस प्रस्ताव पर गहराई से विचार करेगी और उनसे विचार-विमर्श करने के बाद जो भी संभव होगा, वह करेगी।

    प्रतिनिधिमंडल के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने सद्भावनापूर्वक आंदोलन वापस लेने की घोषणा की और आशा व्यक्त की कि सहमत शर्तों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।

    इस बीच, सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सभी प्रदर्शनकारियों से तुरंत आंदोलन समाप्‍त करने और शांतिपूर्वक घर लौटने की अपील की है।

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