पश्चिम बंगाल विधानसभा में आज पश्चिम बंगाल जन सुरक्षा और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण विधेयक-2026 और पश्चिम बंगाल जनव्यवस्था रखरखाव (संशोधन) विधेयक-2026 पारित हो गया।
पश्चिम बंगाल जन सुरक्षा और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण विधेयक-2026 के प्रावधानों के अंतर्गत जन सुरक्षा को खतरे में डालने और शांति व्यवस्था भंग करने वाली असामाजिक गतिविधियों के लिए किसी व्यक्ति को गिरफ्तारी के अंतर्गत अधिकतम 12 महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है। यह विधेयक असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने, असामाजिक तत्वों को कड़ी सजा देने के उद्देश्य से पारित किया गया है।
इन विधेयकों के पारित होने से पहले तृणमूल कांग्रेस के अलग हुए गुट ने कुछ संशोधन प्रस्तुत किए थे, जिन पर सत्ता पक्ष ने विचार नहीं किया।
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल लोक व्यवस्था रखरखाव (संशोधन) विधेयक 2026 के माध्यम से मूल पश्चिम बंगाल लोक व्यवस्था रखरखाव अधिनियम 1972 में संशोधन किया गया है और आज विधानसभा में इसे पारित कर दिया गया है। इस विधेयक का उद्देश्य आगजनी, तोड़फोड़ और सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्तियों पर मुआवजे का भुगतान अनिवार्य करना है।
इन दोनों विधेयकों के अंतर्गत आने वाले अपराधों को भारतीय न्याय संहिता 2023 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के अंतर्गत लाया गया है।
चर्चा में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अधिनियम बनने के बाद इन विधेयकों को असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने और राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्ती से लागू किया जाएगा।