सर्वोच्च न्यायालय ने आज केंद्र और राज्यों से एक याचिका पर जवाब मांगा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा जारी आधार कार्ड का दुरुपयोग नागरिकता, निवास स्थान और आवासीय पते के प्रमाण के रूप में किया जा रहा है। याचिका में यह निर्देश देने की मांग की गई है कि इसका उपयोग केवल पहचान सत्यापन तक ही सीमित रखा जाए।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने केंद्र और सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किया। याचिका में तर्क दिया गया है कि फॉर्म-6 के तहत मौजूदा सत्यापन तंत्र अपर्याप्त है और इसके तहत उचित सहायक दस्तावेज के बिना भी व्यक्तियों को चुनावी डेटाबेस में शामिल किया जा सकता है।