सर्वोच्च न्यायालय ने जनगणना 2027 के तहत जाति गणना कराने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को आज खारिज कर दिया। अदालत ने कहा है कि यह मुद्दा सरकार के नीतिगत अधिकार क्षेत्र में आता है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा है कि पिछड़े वर्गों के कल्याणकारी उपाय तैयार करने के लिए सरकार को उनकी संख्या जानना जरूरी है। पीठ ने कहा कि इस तरह के आंकड़े एकत्र करने में कोई बुराई नहीं है और मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
News On AIR | मई 20, 2026 2:32 अपराह्न
सर्वोच्च न्यायालय ने जाति आधारित जनगणना करने के केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की