उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार को बाल श्रम निषेध और विनियमन संशोधन अधिनियम, 2016 के प्रावधानों को लागू करने की निगरानी के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ गठित करने का निर्देश दिया है। यह कानून खतरनाक उद्योगों में बाल श्रमिकों को काम पर लगाने पर रोक लगाता है।
न्यायमूर्ति एस.वी.एन. भट्टी और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने महिला और बाल विकास मंत्रालय को निर्देश दिया कि वह राज्यों के मुख्य सचिवों के माध्यम से संबंधित एजेंसियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करे।
इस अधिनियम के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सभी तरह के व्यवसायों और कामकाज में रोजगार देने पर पूरी तरह प्रतिबंध है।