रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि भगवान राम की कथा भारत तक ही सीमित नहीं है। यह पूरे एशिया में फैली हुई है और गांवों और शहरों दोनों में इसकी झलक मिलती है। श्री सिंह केरलम के कोच्चि में आयोजित एक महाकाव्य, अनेक कथाएं: रामकथा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम का आयोजन जन्मभूमि मलयालम दैनिक समाचार पत्र द्वारा किया गया था। श्री सिंह ने कहा कि रामायण लोगों के दैनिक जीवन और आध्यात्मिक प्रथाओं में गहराई से समाई हुई है।
नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा किए गए कार्यों पर प्रकाश डालते हुए श्री सिंह ने कहा कि भारत ने वर्ष 2014 से कई चुनौतियों का सामना किया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी और विश्व के विभिन्न हिस्सों में हुए युद्धों ने कई देशों के विकास को प्रभावित किया। हालांकि, भारत आगे बढ़ता रहा और वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करता रहा।
रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर सहित रक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बनाई गई विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी बात की। उन्होंने आपातकाल के दौरान समाचार पत्रों की भूमिका को भी याद किया। उन्होंने कहा कि कई समाचार पत्रों ने जनता के लिए आवाज उठाई और जन्मभूमि को इसका एक उदाहरण बताया।