ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अय्यातुल्ला सैयद अली खामेनेई के छह दिवसीय राष्ट्रव्यापी अंतिम संस्कार आज सुबह तेहरान में शुरू हुआ। ईरान के दिवंगत नेता को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए हजारों शोक संतप्त लोग एकत्रित हुए। हवाई हमले में मारे गये परिवार के सदस्यों के साथ रखे गये खामेनेई के ताबूत को देखकर शोक संतप्त लोगों ने प्रार्थना की।
ईरान के वरिष्ठ नेता, सैन्य कमांडर और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों ने तेहरान के ग्रैंड मोसाला में अय्यातुल्ला सैयद अली खामेनेई को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों में राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर अहमद वाहिदी शामिल थे।
बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। श्री मार्गेरिटा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने सरकार और भारत के लोगों की ओर से सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने हाल के संघर्ष में अपनी जान गंवाने वाले परिवारों के प्रति भी अपनी संवेदना व्यक्त की।
विदेशी गणमान्य व्यक्तियों में रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव, चीन के वरिष्ठ प्रतिनिधि हे वेई, अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी और कई देशों के प्रतिनिधि मंडल शामिल थे। इस्राएल और अमरीका के हवाई हमलों में 28 फरवरी को खामेनेई के मारे जाने के बाद अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
नौ जुलाई को पवित्र शहर मशहद में दफनाये जाने से पहले अगले कुछ दिनों तक अंतिम संस्कार का कार्यक्रम जारी रहेगा। इसके बाद 40 दिनों तक सार्वजनिक शोक का पालन किया जाएगा।
इस बीच, अंतिम संस्कार की कार्यवाहियों के बीच ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में साझा गश्ती शुरू करने की संभावना की टिप्पणी को लेकर फ्रांस और ब्रिटेन को चेतावनी दी।