ग्रामीण विकास के लिए केंद्र सरकार ने सवा लाख करोड़ रुपये की योजनाओं की घोषणा की है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा के अंतर्गत पहले ही 30 हजार करोड़ रुपये आवंटित कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 95 हजार छह सौ 92 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन जारी किया गया है। श्री चौहान ने ‘विकसित भारत ग्रामीण विकास’ के कार्यान्वयन के संबंध में राज्य ग्रामीण विकास मंत्रियों की वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करने के बाद यह बात कही। यह अधिनियम एक जुलाई से पूरे देश में लागू हो जाएगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अधिनियम के कार्यान्वयन से पहले आवश्यक तैयारियां करने को कहा है। उन्होंने बताया कि 26 राज्यों ने बजट प्रावधान कर दिए हैं, जबकि झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना और मिजोरम ने भी प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य के आवंटन में कमी नहीं की गई है और पिछले वर्ष की तुलना में बजट में 40 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। श्री चौहान ने कहा कि विकसित भारत जी राम जी का उद्देश्य ग्रामीण विकास को गति देना और श्रमिकों को बिना किसी रुकावट के रोजगार प्रदान करना है।