सितम्बर 4, 2026 9:39 अपराह्न

printer

विदेश मंत्रालय ने बताया- नेपाल बाढ़ के बाद अब तक 166 भारतीय नागरिक बचाए गए; 275 अब भी लापता

विदेश मंत्रालय ने आज कहा कि पड़ोसी देश नेपाल में बाढ़ के बाद अब तक 166 भारतीय नागरिकों को बचाया गया है। आज नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संवाददाताओं को बताया कि 275 भारतीय नागरिक अब भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि भारत नेपाल सरकार के साथ लगातार करीबी संपर्क में है। उन्होंने कहा कि भारत इस संबंध में नेपाल के अधिकारियों के प्रयासों की पूरी सराहना करता है। श्री जायसवाल ने कहा कि मंत्रालय बचाए गए भारतीयों के नाम नियमित रूप से जारी कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि एक हजार 907 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और चीन से नेपाल में प्रवेश कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि चीन के तिब्बती स्वायत्त क्षेत्र में कोई भी भारतीय यात्री फंसा नहीं है। 

बाढ़ से तबाह नेपाल को भारत के समर्थन के संबंध में, श्री जायसवाल ने कहा कि भारत नेपाल सरकार की आवश्यकताओं के अनुसार सहायता प्रदान करना जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भारत नेपाल सरकार के अनुरोध पर और अधिक फोरेंसिक किट, बेली ब्रिज और अन्य सामग्री भेजने की योजना बना रहा है।

नेपाल के विदेश मंत्री की टिप्पणियों पर, श्री जायसवाल ने कहा, भारत ने लगातार यह रुख बनाए रखा है कि जलवायु परिवर्तन साझा चुनौती है। उन्‍होंने कहा कि इस संबंध में कार्रवाई साझा लेकिन विभेदित जिम्मेदारियों और संबंधित क्षमताओं के सिद्धांत पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित देश ऐतिहासिक रूप से उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं और उन्‍होंने जलवायु संकट में अत्‍यधिक योगदान दिया है। इसलिए उन्हें उत्सर्जन कम करने और इस चुनौती से निपटने के लिए वित्त तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के माध्यम से विकासशील देशों का समर्थन करने में नेतृत्व करना चाहिए।

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की यूक्रेन यात्रा पर मीडिया के सवाल के जवाब में श्री जायसवाल ने कहा कि डॉ. जयशंकर ने कीव का दौरा किया और अपने यूक्रेन के विदेशमंत्री एंड्री सिबिहा तथा राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से मुलाकात की। इस दौरान विदेश मंत्री ने कहा कि भारत ने लगातार यह रुख बनाए रखा है कि यह युद्ध का युग नहीं है और समाधान युद्ध के मैदान से नहीं निकलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस टिप्पणी का भी जिक्र किया कि अंतहीन युद्ध को अब युद्ध की समाप्ति का मार्ग देना चाहिए। श्री जायसवाल ने कहा कि डॉ. जयशंकर की यात्रा संवाद और कूटनीति की संभावनाओं का पता लगाने पर केंद्रित थी। उन्होंने कहा कि भारत का राष्ट्रीय हित ऊर्जा खरीद का मार्गदर्शन करता है और इसकी अनिवार्यता 140 करोड लोगों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करना है। 

ग्रेटर माले कनेक्टिविटी परियोजना पर, श्री जायसवाल ने कहा कि भारत मालदीव के लिए प्रमुख विकास साझेदार है। उन्होंने कहा कि भारत ने वहां कई परियोजनाएं शुरू की हैं, जो मालदीव के लोगों के लिए बहुत अधिक महत्‍वपूर्ण और उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि ग्रेटर माले कनेक्टिविटी परियोजना  ऐसी परियोजना है जो राजधानी, माले, को तीन द्वीपों से जोड़ती है। इस परियोजना का पहला खंड पूरा हो चुका है।

कुवैत से बचाई गई तमिलनाडु की महिला वनिता के बारे में, श्री जायसवाल ने कहा कि जब भारतीय दूतावास को इस मुद्दे की जानकारी हुई, तो उन्होंने उसकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया और फिलहाल वह दूतावास के साथ है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय विदेशों में भारतीय नागरिकों की भलाई, सुरक्षा और कल्याण के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कश्मीर के संबंध में बर्मिंघम के मेयर ज़ाकर चौधरी की टिप्पणियों पर, उन्होंने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं।

सर्वाधिक पठित
सम्पूर्ण जानकारी arrow-right

कोई पोस्ट नहीं मिला