मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मुंबई में आज हुई महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक में तीन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन प्रस्तावों में से एक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सरकार प्रमुख के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे करने पर बधाई देने का था।
मंत्रिमंडल ने शासन, अवसंरचना विकास, सामाजिक सशक्तिकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा और डिजिटल परिवर्तन में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना की। मंत्रिमंडल ने उल्लेख किया कि भारत का लक्ष्य 2029 तक पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है, जबकि महाराष्ट्र ने एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है। मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र के विकास में केंद्र सरकार के सहयोग को भी स्वीकार किया। मंत्रिमंडल ने उल्लेख किया कि राज्य में लगभग 12 लाख करोड़ रुपये की अवसंरचना परियोजनाएं चल रही हैं।
प्रस्ताव में किसानों, आदिवासी समुदायों और ग्रामीण विकास के लिए की गई पहलों का भी उल्लेख किया गया, जिनमें सिंचाई परियोजनाएं भी शामिल हैं। इनके द्वारा जुलाई 2026 तक महाराष्ट्र में चार दशमलव चार – नौ लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन किया गया है। मंत्रिमंडल ने डिजिटल भुगतान, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार की भी प्रशंसा की।
मंत्रिमंडल ने छोटे, संकरे और चारों ओर से घिरे सरकारी भूखंडों के आवंटन संबंधी नीति में भी बदलाव को मंजूरी दी, जो स्वतंत्र निर्माण के लिए अनुपयुक्त हैं। आस-पास के भूस्वामियों को आवंटित अनुमत क्षेत्र उनकी संयुक्त भूमि का 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा, बशर्ते निर्धारित शर्तें लागू हों। जिन भूखंडों पर निर्माण की अनुमति नहीं है, वे खुले स्थान बने रहेंगे।
एक अन्य निर्णय में, मंत्रिमंडल ने श्री संत गजानन महाराज संस्थान, शेगांव द्वारा तीर्थस्थल के विकास के लिए बुलढाणा जिले के गिरदा में तीन दशमलव आठ-एक हेक्टेयर सरकारी भूमि पर स्थायी निर्माण को मंजूरी दी। प्रस्तावित सुविधाओं में एक स्मारक केंद्र, आवास, सभागार, अस्पताल और एक पर्यावरण-पर्यटन केंद्र शामिल हैं। शेष 15 दशमलव दो-पांच हेक्टेयर भूमि का उपयोग वृक्षारोपण के लिए जारी रहेगा।