राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष (एनआईआईएफ) में सरकार का कुल निवेश अब 60 हजार करोड़ रुपये हो गया है। यह बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय महत्व के अन्य क्षेत्रों में केंद्र की निवेश प्रतिबद्धता को दर्शाता है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले सप्ताह अवसंरचना निवेश को गति देने और देश में संस्थागत पूंजी को बढ़ावा देने के लिए कोष में 30 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त निवेश को मंजूरी दी थी।
वित्त मंत्रालय के अनुसार इस अतिरिक्त निवेश का उपयोग एनआईआईएफ के अवसंरचना केंद्रित दूसरे कोष की स्थापना के लिए किया जाएगा। अवसंरचना कोष द्वितीय के लिए लगभग 30 हजार करोड़ रुपये प्रस्तावित है और इससे परिवहन, ऊर्जा, डिजिटल और शहरी अवसंरचना तथा ई-मोबिलिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश किया जाएगा।
राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष भारत का संप्रभु कोष है, जिसका संचालन और प्रबंधन राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष लिमिटेड करता है। एनआईआईएफ में केंद्र सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है।