सरकार ने कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस का पर्याप्त भंडार है और सभी शोधन संयंत्र अधिकतम स्तर पर काम कर रहे हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में सचिव सुजाता शर्मा ने नई दिल्ली में अंतर मंत्रालय संवाददाता सम्मेलन में कहा कि किसी भी एलपीजी वितरक से रसोई गैस कमी की कोई सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि कुछ जिलों में कृषि मांग और बाजार के बदलते रुख के कारण पेट्रोल और डीजल की बिक्री असामन्य रूप से बढ़ीहै। खुदरा बिक्री केंद्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 150 जिलों ने पेट्रोल में 30 प्रतिशतऔर 156 जिलों ने 30 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की सूचना दी है। सरकार स्थिति की समीक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि मार्च से आठ लाख 30 हजार से अधिक पीएनजी कनेक्शन शुरू कर दिये गये हैं और साढ़े आठ लाख नए उपभोक्ता पंजीकृत हुए हैं। पिछले चार दिन में ही एक करोड़ 78 लाख रसोई गैस रिफिलिंग की बुकिंग हुई है और एक करोड़ 80 लाख सिलेंडरों की आपूर्ति की गई है।
सुजाता शर्मा ने कहा कि प्रवर्तन एजेंसियों और तेल विपणन कम्पनियों ने जांच बढ़ा दी है तथा कई दोषी डीलर और वितरकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। व्यावसायिक एल पी जी की आपूर्ति व्यवस्था सुचारू है। औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए प्राकृतिक गैस की आपूर्ति 99 प्रतिशत बहाल हो चुकी है।
विदेश मंत्रालय में खाड़ी क्षेत्र के लिए अपर सचिव असीम महाजन ने कहा कि सरकार खाड़ी क्षेत्र और पश्चिम-एशिया के घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रही है और भारतीय समुदाय के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि दूतावास और वाणिज्य दूतावास चौबीसों घंटे हेल्पलाइन संचालित कर रहे हैं। इस क्षेत्र से देश के विभिन्न स्थानों तक अतिरिक्त उड़ानों की व्यवस्था की गयी है।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने कहा मंत्रालय निर्बाध समुद्री परिचालन के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि वाणिज्यिक पोत निसोस केरोस होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकल गया है और तीन जून तक इसके विशाखापत्तनम पहुंचने की आशा है। इस पोत से लगभग दो लाख 70 हजार मीट्रिक टन कच्चा तेल लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सभी भारतीय पोत सुरक्षित हैं और किसी घटना की कोई खबर नहीं है।