रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि सरकार का प्रयास एक ऐसे भारत का निर्माण करना है जहां सीमाएं न केवल सुरक्षित हों बल्कि अच्छी तरह से जुड़ी हुई भी हों। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा एक ही दिशा में आगे बढ़ें। नई दिल्ली में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) तकनीकी संगोष्ठी को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि उन्नत अवसंरचना हमेशा से विकसित सभ्यता की पहचान रही है। उन्होंने कहा कि आज की अवसंरचना आने वाले वर्षों में देश की सभ्यता को परिभाषित करेगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी दूरस्थ क्षेत्र में रहने वाला कोई भी नागरिक मुख्यधारा से कटा हुआ महसूस न करे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अवसंरचना विकास केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। श्री सिंह ने उद्योगों, शिक्षाविदों, इंजीनियरों और प्रशासकों से उत्कृष्टता को बढ़ावा देने वाले समग्र वातावरण के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रोहतांग में अटल सुरंग, उमलिंग ला में विश्व की सबसे ऊंची वाहनों की सुरक्षित आवाजाही योग्य सड़क और लगभग 13 हजार फीट की ऊंचाई पर निर्मित सेला सुरंग जैसी ऐतिहासिक परियोजनाएं बीआरओ की क्षमताओं का जीवंत प्रमाण हैं।
इन उपलब्धियों को इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का उदाहरण बताते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि कर्मियों के समर्पण और कड़ी मेहनत के साथ-साथ प्रौद्योगिकी को अपनाना भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने बीआरओ को तकनीकी अनुकूलन के मामले में अग्रणी संगठन बताया।