दिल्ली सरकार ने राजधानी में सिनेमाघरों और मल्टीप्लस के सिनेमैटोग्राफ लाइसेंस जारी करने और निरीक्षण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाने के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया-एसओपी अधिसूचित की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि नई व्यवस्था के अंतर्गत वर्षों से चली आ रही अलग-अलग विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लने की प्रक्रिया को समाप्त करते हुए एकीकृत सिंगल विन्डो प्रणाली लागू किया गया है। श्रीमती गुप्ता ने कहा कि इस व्यवस्था को उद्देश्य लाइसेंसिंग प्रकिया में अनावश्यक देरी और अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय की समस्या को दूर करते हुए आवेदकों को स्पष्ट, जवाबदेही और तकनीक आधारित व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि नई एसओपी के अंतर्गत पहली समिति जिला लाइसेंसिंग-डीएलसी का गठन किया गया है। यह समिति राजस्व विभाग के जिला प्रशासन के अधीन गठित की गई है। जो कि लाइसेंसिंग संबंधी अंतिम निर्णय लेगी।
वहीं नई एसओपी के अंतर्गत दूसरी समिति जिला निरीक्षण समिति-डीआईसी का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि अब इसी समिति द्वारा प्रत्येक सिनेमाघर का निरीक्षण संयुक्त रूप से किया जाएगा। श्रीमती गुप्ता ने कहा कि नई एसओपी सरकार के सुशासन की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है जिसमें विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।