केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के लिए, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वित्त वर्ष 2026-27 की पहली किस्त के रूप में 527 करोड़ रुपये से अधिक राशि जारी की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ एक वर्चुअल बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों की समीक्षा की। बैठक के दौरान, श्री नड्डा ने स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने, बीमारियों की निगरानी में सुधार करने और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने के लिए पश्चिम बंगाल को पूर्ण समर्थन और सहयोग का आश्वासन दिया।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि चर्चाओं का मुख्य केंद्र स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करना, प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रमों का कार्यान्वयन तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन और अन्य प्रमुख योजनाओं के तहत निधियों का प्रभावी उपयोग करना था। श्री नड्डा ने राज्य में एच.पी.वी. टीकाकरण पहलों को शुरू करने और ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के कार्यान्वयन में तेज़ी लाने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के कार्यान्वयन के लिए जल्द से जल्द समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के संबंध में भी महत्वपूर्ण चर्चाएँ हुईं, ताकि पात्र लाभार्थियों को बिना किसी देरी के इसका लाभ मिल सके। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में मातृ मृत्यु दर, 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर और नवजात मृत्यु दर जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार और उन्हें बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता है। बैठक के दौरान, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की कुशल डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रशासनिक तंत्र और ज़मीनी स्तर पर कार्यान्वयन प्रणालियों को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने पश्चिम बंगाल में ‘प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना’ के कार्यान्वयन और विस्तार का भी प्रस्ताव रखा, ताकि आम लोगों के लिए सस्ती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं की व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।