अक्टूबर 9, 2026 9:24 अपराह्न

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कोच्चि में निर्मित पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मंगरोल’ सोमवार को मुंबई में नौसेना में किया जाएगा शामिल

कोच्चि में बना तीसरा पनडुब्बी रोधी युद्धपोत मंगरोल सोमवार को मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा। इसका निर्माण कोच्चि स्थित कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने किया है। समारोह की अध्यक्षता पश्चिमी नौसेना कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल संजय वात्सायन करेंगे। इसमें नौसेना और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।

गुजरात के जूनागढ़ जिले के तटीय शहर मंगरोल के नाम पर इस युद्धपोत का नाम रखा गया है। इसमें 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। इसका निर्माण मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल के अंतर्गत किया गया है।

मंगरोल को तटीय और कम गहरे समुद्री क्षेत्रों में पनडुब्बियों का पता लगाने और उनसे निपटने के लिए तैयार किया गया है। इसमें आधुनिक सोनार, हल्के टॉरपीडो और पनडुब्बी रोधी रॉकेट सिस्टम सहित कई उपकरण लगाए गए हैं। तीन डीजल इंजनों से चलने वाला यह युद्धपोत कम गहरे पानी में भी आसानी से काम कर सकता है।

मंगरोल के नौसेना में शामिल होने से तटीय क्षेत्रों, बंदरगाहों और समुद्री ठिकानों की सुरक्षा मजबूत होगी। यह अन्य युद्धपोतों, हेलीकॉप्टरों और समुद्री गश्ती विमानों के साथ मिलकर पनडुब्बियों के खतरों से निपटने में मदद करेगा।

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