अमरीका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि संघर्ष समाप्त करने के लिए ईरान के साथ हुआ समझौता अब प्रभावी नहीं है। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी ईरान से बातचीत करने की कोई इच्छा नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप ने तुर्कीए की राजधानी अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित संवाददाता सम्मेलन में ये बात कहीं।
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमरीका और ईरान के बीच एक बार फिर हमले हुए हैं। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकरों पर हमले के बाद तनाव और बढ़ गया।
अमरीका और ईरान के बीच हुआ अंतरिम युद्धविराम समझौता स्थायी समझौते के लिए 60 दिनों की बातचीत का अवसर देने के उद्देश्य से किया गया था। लेकिन कतर में हुई अप्रत्यक्ष वार्ता किसी ठोस नतीजे के बिना समाप्त हो गई। इसके बाद अमरीका ने ईरान पर एक और दौर के हवाई हमले किए।
इससे पहले, ईरान ने अपने माहशहर बंदरगाह शहर और होरमोज़गान प्रांत पर अमरीकी हमलों के जवाब में अमरीकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए थे। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस कार्रवाई को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने अंजाम दिया। जवाबी कार्रवाई में अमरीका ने ईरान के 80 से अधिक ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमरीकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इन हमलों में वायु रक्षा प्रणाली, कमांड एवं नियंत्रण केंद्र, तटीय रडार, जहाज-रोधी मिसाइल प्रणाली और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तैनात तेज़ गति वाली नौकाओं को निशाना बनाया गया।