जुलाई 31, 2026 7:20 अपराह्न

views 54

भारतीव रिजर्व बैंक ने बड़ी जमा राशियों पर ब्याज दरों के संबंध में जारी किए नए दिशा-निर्देश

भारतीव रिजर्व बैंक ने बड़ी जमा राशियों पर ब्याज दरों के संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एक आधिकारिक घोषणा के अनुसार, बैंकों को अपनी वेबसाइट पर सभी तरह की जमा राशियों के लिए ब्याज दरें पहले से ही स्‍पष्‍ट रूप से प्रदर्शित करनी होंगी। इनमें बड़ी जमा राशियों के लिए ब्याज दरें भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार नए दिशा-निर्देश पहली अक्‍तूबर से लागू होंगें और निर्धारित की गई दरों के हिसाब से ब्याज देय होगा।

अप्रैल 9, 2026 7:57 अपराह्न

views 148

आरबीआई ने बैंकों को सीमा पार लेनदेन को तेज करने के निर्देश दिए

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों को सीमा पार लेनदेन को तेज करने के निर्देश दिए हैं। आरबीआई ने कहा है कि अभी कई बैंक नोस्ट्रो खातों की दिन के अंत की जानकारी पर निर्भर रहते हैं, जिससे पैसे लाभार्थी के खाते में पहुंचने में देर हो जाती है। इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए, आरबीआई ने बैंकों से नोस्ट्रो खाते में जमा राशि का मिलान और पुष्टि नियमित रूप से, या तो लगभग वास्तविक समय के आधार पर या आवधिक अंतराल पर करने को कहा है। इसमें यह भी कहा गया है कि मिलान का अंतराल सामान्यतः एक घंटे से अधिक नहीं होना चाहिए...

जनवरी 12, 2026 7:15 अपराह्न

views 141

भारतीय रिज़र्व बैंक ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन-गारंटी विनियम-फेमा 2026 जारी किया

भारतीय रिज़र्व बैंक ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन-गारंटी विनियम-फेमा 2026 जारी किए हैं। यह भारत से बाहर रहने वाले व्यक्तियों के लिए गारंटियों का व्यापक ढांचा प्रदान करते हैं। रिज़र्व बैंक ने सभी अधिकृत डीलर श्रेणी-1 बैंकों को गारंटियों की सुविधा प्रदान करते समय नए विनियमों का पालन और विनियमन विभाग द्वारा जारी नियामक दिशानिर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया है।     विनियमों के अनुसार, अधिकृत डीलर बैंकों द्वारा जारी, सभी गारंटियों की विस्तृत रिपोर्टिंग अनिवार्य है। इसके अलावा, बाह्य वाणिज्यिक उधार, व...

अगस्त 29, 2025 4:45 अपराह्न

views 300

#आरबीआई ने रुपए को स्थिर रखने के लिए जून में हाजिर बाजार में 3.66 अरब डॉलर की शुद्ध विदेशी मुद्रा बेची

भारतीय रिज़र्व बैंक के मासिक बुलेटिन के अनुसार रुपये को स्थिर रखने के लिए जून में हाजिर विदेशी मुद्रा बाजार में 366 करोड़ डॉलर बेचे गए। जून में अमरीकी शुल्‍क को लेकर अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों द्वारा भारत से पैसा निकालने के कारण घरेलू मुद्रा पर दबाव रहा। इस बीच, भारत में चालू खाता घाटा मामूली रहा और विदेशी मुद्रा भंडार 11 महीनों के आयात को पूरा करने के लिए पर्याप्त था। रूपये के मूल्‍य में मामूली कमी के बावजूद जुलाई में रुपया प्रमुख उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में सबसे कम अस्थिर म...

जून 6, 2025 10:29 अपराह्न

views 35

आरबीआई ने रेपो दर को 5.5 प्रतिशत करने का निर्णय लिया

भारतीय रिजर्व बैंक- आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति- एमपीसी ने आज पिछली छह प्रतिशत वाली रेपो दर को 50 आधार अंको में लगातार तीसरी बार कटौती करके साढे पांच प्रतिशत करने का निर्णय लिया है।  तरलता समायोजन सुविधा- एलएएफ के तहत स्थायी जमा सुविधा- एसडीएफ  दर को पांच दशमलव दो-पांच प्रतिशत पर समायोजित किया जाएगा। वहीं सीमांत स्थायी सुविधा- एमएसएफ और बैंक दर को पांच दशमलव सात-पांच पर समायोजित किया गया है।   रेपो दर में 50 आधार अंको की कटौती के बाद आशा की जा रही है कि इससे जुडी सभी बाहरी बेंचमार्क उधार दरों- ...

अप्रैल 20, 2025 2:16 अपराह्न

views 96

देश के विदेशी मुद्रा बाजार में पिछले 4 वर्षों में मजबूत वृद्धि देखी गई: आरबीआई गवर्नर, संजय मल्होत्रा

देश के विदेशी मुद्रा बाजार में पिछले चार वर्षों में मजबूत वृद्धि देखी गई है। यह वर्ष 2020 के 32 अरब डॉलर से लगभग दोगुना होकर 2024 में 60 अरब डॉलर हो गया। रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बाली में आयोजित एक सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्‍होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत के वित्तीय बाजार अधिक गतिशील और लचीले हो गए हैं। ओवरनाइट मनी मार्केट में भी विस्तार हुआ है और इसका दैनिक कारोबार 2020 के लगभग 3 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2024 में 5 दशमलव चालीस लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो चुका था। श्...

मार्च 7, 2025 1:18 अपराह्न

views 59

2025-26 के दौरान बेंचमार्क दरों में 50 से 75 आधार अंकों की कटौती कर सकता है आरबीआई: क्रिसिल रिपोर्ट

  क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की इंडिया आउटलुक 2025 रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) 2025-26 के दौरान खपत को बढ़ावा देने और ऋण लागत को कम करने के लिए बेंचमार्क दरों में 50 से 75 आधार अंकों की कटौती कर सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कम ब्याज दरों से खपत को थोड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि ये धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था में अन्य ब्याज दरों पर भी लागू होंगी, जिससे ऋण की लागत कम होगी।      केंद्रीय बैंक ने फरवरी की मौद्रिक नीति के दौरान अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लि...

मार्च 6, 2025 1:44 अपराह्न

views 239

आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने गैर-बैंक भुगतान प्रणाली संचालकों, फिन-टेक के संघों और एसआरओ के साथ बातचीत की

  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कल गैर-बैंक भुगतान प्रणाली संचालकों और फिन-टेक के संघों और स्व-नियामक संगठन (एसआरओ) के साथ बातचीत की।     यह बातचीत भुगतान और फिनटेक पारिस्थितिकी तंत्र के साथ रिजर्व बैंक की सहभागिता का एक हिस्सा थी।     इस बातचीत में उप गवर्नर एम. राजेश्वर राव, टी. रबी शंकर और स्वामीनाथन जे. के साथ-साथ भुगतान, फिनटेक और विनियमन के प्रभारी कार्यकारी निदेशक भी शामिल हुए।     इस दौरान श्री मल्होत्रा ने भारत की वित्तीय प्रणाली और अर्थव्यवस्था के विकास में फि...

फ़रवरी 19, 2025 2:09 अपराह्न

views 94

भारतीय अर्थव्यवस्था से संबंधित व्यापक आर्थिक और वित्तीय आंकड़े उपलब्ध कराएगा ‘आरबीआई डेटा’ मोबाइल ऐप 

भारतीय रिजर्व बैंक ने 'आरबीआई डेटा' नाम से एक मोबाइल ऐप शुरू किया है, जो लोगों को भारतीय अर्थव्यवस्था से संबंधित व्यापक आर्थिक और वित्तीय आंकड़े उपलब्ध कराएगा।      बैंक ने एक बयान में कहा कि यह ऐप भारतीय अर्थव्यवस्था से संबंधित आर्थिक डेटा की 11 हजार से अधिक विभिन्न श्रृंखलाएं उपलब्ध कराएगा। उपयोगकर्ता डेटा डाउनलोड भी कर सकते हैं। ऐप में डेटा के स्रोत का विवरण भी शामिल है। इसमें एक लोकप्रिय रिपोर्ट खंड भी है जिसमें बार-बार देखी जाने वाली रिपोर्टों की श्रृंखला शामिल है। ऐप के जरिये उपयोगकर्ताओं ...

अगस्त 21, 2024 1:53 अपराह्न

views 52

भारत का निजी कॉर्पोरेट निवेश वर्ष 2024-25 में 54 प्रतिशत बढ़कर 2 लाख 35 हजार 212 करोड़ रुपये होने का अनुमान है: भारतीय रिजर्व बैंक

भारतीय रिजर्व बैंक के एक अध्ययन में कहा गया है कि भारत का निजी कॉर्पोरेट निवेश वर्ष 2024-25 में 54 प्रतिशत बढ़कर दो लाख पैंतालीस हजार दो सौ बारह करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष 1 लाख 59 हजार 221 करोड़ रुपये था। वर्ष 2023-24 में निजी कॉर्पोरेट क्षेत्र द्वारा पूंजीगत व्यय में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 57 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आरबीआई ने यह भी कहा है कि भारत में, बढ़ती आय के कारण ग्रामीण खपत में सुधार के साथ कुल मांग की स्थिति गति पकड़ रही है।