शीर्ष अदालत ने कहा है कि यदि देश की संप्रभुता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच टकराव हो, तो देश की संप्रभुता को प्राथमिकता दी जाएगी, विशेषकर मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में।
न्यायालय ने यह टिप्पणी पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के उस आदेश को रद्द करते हुए की, जिसमें जेल से मोबाइल फोन के जरिए नशीले पदार्थों के तस्करी नेटवर्क चलाने वाले आरोपी को जमानत दी गई थी।
शीर्ष अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ इसी तरह के अपराधों के पहले भी मामले दर्ज हैं, इसलिए यह नहीं माना जा सकता कि वह जमानत पर रहते हुए दोबारा ऐसा अपराध नहीं करेगा।