सर्वोच्च न्यायालय ने कथित भूमि के बदले नौकरी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो-सीबीआई द्वारा दर्ज एफ.आई.आर और आरजेडी के वरिष्ठ नेता लालू प्रसाद यादव के खिलाफ दायर आरोप-पत्रों को रद्द करने से इनकार कर दिया है। न्यायाधीश एम.एम सुंदरेश और एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने 77 वर्षीय लालू प्रसाद यादव को निचली अदालत में पेश होने से छूट दी है।
इससे पहले, दिल्ली उच्च न्यायालय ने एफआईआर और आरोपपत्रों को रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया था। यह मामला रेल मंत्री के रूप में श्री यादव के कार्यकाल के दौरान रेलवे में कथित अनियमित नियुक्तियों से संबंधित है, जिसके बदले उनके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों को जमीन हस्तांतरित की गई थी।