सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को मनोरंजन और हॉस्पिटैलिटी से जुड़े संस्थानों में बाल श्रम पर और ज़्यादा सख़्त रोक लगाने की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया है।
शीर्ष न्यायालय ने बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाले एक समूह की दलीलों पर संज्ञान लिया। याचिकाकर्ता ने केंद्र सरकार को 18 साल से कम उम्र के बच्चों को ऑर्केस्ट्रा, डांस बार, मसाज पार्लर, स्पा और सैलून में काम करने या परफ़ॉर्म करने पर रोक लगाने के निर्देश दिये जाने की मांग की है।
शीर्ष न्यायालय ने इस स्थिति को गंभीर मुद्दा बताते हुए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को निर्देश दिया कि वह ऐसे संस्थानों में काम करने वाले बच्चों को बचाने और उनके पुनर्वास के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करे।