अप्रैल 16, 2026 6:06 अपराह्न

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सर्वोच्च न्यायालय ने बंगाल में अधिकारियों के तबादलों को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

सर्वोच्च न्यायालय ने आज पश्चिम बंगाल में निर्वाचन आयोग द्वारा एक हजार से अधिक प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादलों को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। साथ ही अदालत ने राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग के बीच विश्वास की कमी पर भी चिंता जताई।

 

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और विपुल एम पंचोली की पीठ ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति सर्वोच्च न्यायालय को करनी पड़ी क्योंकि दोनों पक्षों के बीच विश्वास का अभाव था।

 

सर्वोच्च न्यायालय ने यह आदेश 31 मार्च के कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकारियों के तबादलों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया था।

 

सर्वोच्च न्यायालय में याचिकाकर्ता ने कहा कि निर्वाचन आयोग नियमों के विपरीत कार्य कर रहा है। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि इस तरह के तबादले काफी आम हैं और कई राज्यों में चुनाव के दौरान ऐसा किया जाता है।

 

पश्चिम बंगाल विधानसभा के 294 सदस्यों के लिए चुनाव इस महीने की 23 और 29 तारीख को दो चरणों में होंगे।