अक्टूबर 9, 2026 6:22 अपराह्न

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सर्वोच्च न्यायालय का निर्देश, सीजेपी विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में मेट्रो और रेल सेवाएं पूरी तरह बंद न की जाएं

सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 10 अक्टूबर को होने वाले सीजेपी विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में मेट्रो और रेल सेवाएं पूरी तरह बंद न की जाएं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए सार्वजनिक परिवहन सेवाएं नियंत्रित तरीके से जारी रहनी चाहिए।

न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी इस पीठ में शामिल थे। अदालत ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के इस आश्वासन पर ध्यान दिया कि अधिकारी प्रतिबंधों पर दोबारा विचार करेंगे। अदालत ने कहा कि सुरक्षा के लिए सेवाओं को नियंत्रित करना और उन्हें पूरी तरह बंद करना अलग-अलग बातें हैं।

सर्वोच्च न्यायालय ने अधिकारियों को मेट्रो और रेल सेवाओं से जुड़े फैसलों की जानकारी सार्वजनिक करने का भी निर्देश दिया। इसके अलावा, यातायात प्रतिबंधों की घोषणा करने, सड़क पर लगे बैरिकेड्स की समीक्षा करने और वैकल्पिक रास्तों की जानकारी व्यापक रूप से देने को कहा, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।

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