सितम्बर 26, 2026 9:27 अपराह्न

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सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए SIR का आदेश सर्वसम्मति से जारी किया गया: निर्वाचन आयोग

निर्वाचन आयोग ने कहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण-एसआईआर के दौरान जिन व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनके घरों पर बूथ स्तर के अधिकारी-बीएलओ जाकर आवश्यक दस्तावेज एकत्र करेंगे। बीएलओ बाद में इन दस्तावेजों को ईसीआईएनईटी प्लेटफॉर्म पर अपलोड करेंगे। यह निर्णय नई दिल्ली में आयोग की बैठक में लिया गया। आयोग ने स्पष्ट किया कि ऐसे व्यक्तियों को मतदाता पंजीकरण अधिकारी सुनवाई के लिए नहीं बुलाएंगे। सुनवाई केवल असाधारण परिस्थितियों में ही ऑनलाइन की जाएगी। यदि सुनवाई आवश्यक हो, तो मतदाता अपने परिवार के किसी भी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से उपस्थित होने के लिए अधिकृत कर सकते हैं।
 
बिहार और पश्चिम बंगाल सहित 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर पूरा हो चुका है। आयोग ने दोहराया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एसआईआर का आदेश आयोग की सर्वसम्मति से जारी किया गया था। आयोग ने कहा कि एसआईआर के दौरान जिनका नाम छूट गया है और अपना नाम शामिल करवाना चाहते हैं, तो वे संबंधित मतदाता पंजीकरण अधिकारी के पास आवेदन कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और मतदाता पंजीकरण अधिकारी इन मतदाताओं के नामांकन के लिए तत्काल विशेष अभियान शुरू करेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी पर्याप्त संख्या में सहायता केंद्र स्थापित करेंगे और रात्रि आश्रयों में रहने वाले लोगों, मजदूरों, गरीबों और बेघरों के लिए विशेष शिविर आयोजित करेंगे।
 

निर्वाचन आयोग ने कहा है कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जारी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण-एसआईआर का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था। नई दिल्ली में मीडिया संबंधी महानिदेशक आशीष गोयल ने कहा कि आज आयोग की बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 24 जून को बिहार से लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जारी एसआईआर का आदेश आयोग ने सर्वसम्मति से जारी किया था।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र आयोग या उसके सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के किसी नीतिगत मामले से संबंधित नहीं था। यह आयोग में प्रतिनियुक्ति पर तैनात एक अधिकारी के कार्य से संबंधित था।

दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी के अनुरोध के बाद आयोग ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 30 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। नोटिस, दावों और आपत्तियों के निपटान की अवधि भी 30 नवंबर तक बढ़ा दी गई है।  

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