मई 29, 2026 7:22 अपराह्न

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छठे राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण में मातृ और शिशु स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज

छठे राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की आज जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत ने मातृ और शिशु स्वास्थ्य, पोषण तथा वित्तीय सुरक्षा क्षेत्र में उल्‍लेखनीय प्रगति की है।

रिपोर्ट के अनुसार, 95.9% गर्भवती महिलाओं को प्रसवपूर्व देखभाल मिली है। गर्भावस्था की पहली तिमाही में जांच कराने वाली महिलाओं की संख्या 70 प्रतिशत से बढ़कर 76 दशमलव दो प्रतिशत हो गई है।

सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत की कुल प्रजनन दर 2 बनी हुई है। 12 से 23 माह के 96 प्रतिशत से अधिक बच्चों को जरूरी टीके लगाए गए हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में होने वाले प्रसव 88 दशमलव छह प्रतिशत से बढ़कर 90 दशमलव छह प्रतिशत हो गए हैं। ये सुधार मिशन परिवार विकास और राष्ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रमों का सकारात्मक प्रभाव दर्शाते हैं।

सर्वेक्षण में महिलाओं की डिजिटल और आर्थिक स्थिति में भी सुधार दर्ज किया गया है। इंटरनेट इस्तेमाल करने वाली महिलाओं की संख्या लगभग दोगुनी हुई है। यह 33 दशमलव तीन प्रतिशत से बढ़कर 64 दशमलव तीन प्रतिशत हो गई है।

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