पश्चिमी यूरोप के बड़े हिस्से भीषण गर्मी की चपेट में हैं। वहीं ब्रिटेन में इस असामान्य गर्मी की पांचवीं लहर आने की आशंका है, जिसे अब तक की सबसे भीषण गर्मी मानी जा रही है। मौसम पूर्वानुमानकर्ताओं ने मध्य और दक्षिण-पूर्वी इंग्लैंड में पारा 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान व्यक्त किया है। यह 2003 में दर्ज किए गए अगस्त के रिकॉर्ड 38 दशमलव 5 डिग्री सेल्सियस से थोड़ा ही कम है।
ब्रिटेन इस स्तर की गर्मी से निपटने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं है। दुकानों और दफ्तरों के बाहर एयर कंडीशनिंग का उपयोग न के बराबर ही होता है। इस बीच जंगल की आग विशेष रूप से इस सप्ताह दक्षिणी इंग्लैंड के न्यू फॉरेस्ट में बेकाबू होकर फैल रही है। राष्ट्रीय अग्निशमन प्रमुखों की परिषद के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष इंग्लैंड और वेल्स में एक हजार से अधिक जंगल की आग की घटनाएं दर्ज की गई हैं। प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने कहा है कि ब्रिटेन के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी जारी रहने के कारण जंगल की आग के बढ़ते खतरे को देखते हुए वे डिस्पोजेबल बारबेक्यू पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करेंगे।