मई 14, 2026 9:30 अपराह्न

printer

रणनीतिक स्वायत्तता और उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए आत्मनिर्भरता अनिवार्य: रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रणनीतिक स्वायत्तता हासिल करने और उभरती सुरक्षा चुनौतियों के लिए भविष्य में तैयार रहने के लिए आत्मनिर्भरता और परस्‍पर भागीदारी अनिवार्य हैं। श्री सिंह ने नई दिल्ली में कलाम और कवच के तीसरे संस्करण के उद्घाटन सत्र के दौरान एक वीडियो संदेश में यह बात कही। मंत्री ने आत्मनिर्भरता को न केवल एक आर्थिक लक्ष्य बल्कि एक रणनीतिक आवश्यकता भी बताया और जोर दिया कि जो राष्ट्र महत्वपूर्ण रक्षा क्षमताओं के लिए दूसरों पर अत्यधिक निर्भर रहता है, वह संकट के समय असुरक्षित बना रहता है। श्री सिंह ने कहा कि रणनीतिक स्वायत्तता हासिल करने के लिए भारत को अपने राष्ट्रीय पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर ही प्रमुख प्रणालियों को डिजाइन, विकसित,  और उन्नत करना होगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि थल, जल, वायु, साइबर और अंतरिक्ष में बलों को कितनी कुशलता से एक साथ लाया जाता है। रक्षा मंत्री ने कहा कि किसी राष्ट्र की शक्ति तेजी से इस बात पर निर्भर करेगी कि उसके रक्षा बल, प्रयोगशालाएं और उद्योग कितनी जल्दी एक होकर सोचते और कार्य करते हैं। 
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने आज ऑपरेशन सिंदूर को एक ऐतिहासिक सफलता बताया, जिससे स्वदेशी हथियारों और प्रणालियों का उपयोग करके त्वरित और समन्वित अभियान चलाने की भारत की क्षमता का प्रदर्शन हुआ। नई दिल्ली में कलाम और कवच के तीसरे संस्करण के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक भारत साइबर और अंतरिक्ष क्षेत्रों सहित लगातार विकसित हो रहे खतरों के युग में राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए वैज्ञानिक उत्कृष्टता को सैन्य शक्ति के साथ एकीकृत कर रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सच्ची सुरक्षा अब केवल पारंपरिक सैन्य शक्ति से ही नहीं, बल्कि तकनीकी श्रेष्ठता और आत्मनिर्भरता से भी प्राप्त होती है।
सर्वाधिक पठित
सम्पूर्ण जानकारी arrow-right

कोई पोस्ट नहीं मिला