सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे मोटर दुर्घटना दावों से जुड़े चार डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म को चार हफ़्ते के अंदर आपस में जोड़ें, ताकि फ़र्ज़ी इंश्योरेंस क्लेम पर रोक लगाई जा सके और मुआवज़े के निपटारे में तेज़ी लाई जा सके।
इन प्लेटफ़ॉर्म में ई-डीएआर, वाहन, सारथी और इंश्योरेंस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो शामिल हैं। इनके जुड़ने से दुर्घटना की रिपोर्ट, गाड़ी और इंश्योरेंस के रिकॉर्ड और पहले के क्लेम का इतिहास आसानी से शेयर किया जा सकेगा। इसमें हिट-एंड-रन के मामले और पीएम-राहत स्कीम भी शामिल होंगी।
कोर्ट ने सभी राज्यों को निर्देश दिया कि वे बिना देरी किए ई-डीएआर पोर्टल पर ज़रूरी डेटा अपलोड करें, क्योंकि अभी तक कुछ ही राज्यों ने ऐसा करना शुरू किया है।
जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने कुछ इंश्योरेंस कंपनियों के प्रमुखों को कोर्ट के पिछले निर्देशों का पालन न करने के लिए अवमानना का नोटिस भी जारी किया। इस मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर, 2026 को होगी।