दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज सुरक्षा उपायों और जारी बचाव अभियान की समीक्षा करने के लिए नई दिल्ली के सत्य निकेतन में ढही इमारत स्थल का फिर दौरा किया।
मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं को बताया कि मलबे का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा दशकों पुरानी बहुमंजिले भवन स्थल से हटा दिया गया है। उन्होंने बताया कि मलबे से 12 लोगों को निकाला गया जिनमें से 6 लोगों की मौत हो गई तथा 6 की हालत स्थिर बनी हुई है। श्रीमती गुप्ता ने कहा कि सरकार प्रभावित विद्यार्थियों के अभिभावकों के संपर्क में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भवन के मालिक की अनदेखी के कारण यह दु:खद घटना हुई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भवन के मालिक के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि आसपास के क्षेत्रों में इस प्रकार के जोखिम वाले अन्य भवनों की पहचान करके उन्हें गिरा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन अधिकारियों की अनदेखी के कारण यह दुर्घटना हुई, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे अधिकारियों को तुरंत निलंबित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निलंबन आदेश आज जारी किया जाएगा।
दिल्ली सरकार के मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी दुर्घटना स्थल का आज दौरा किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीम अभियान में निरंतर काम कर रही है। श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस मामले के जिम्मेदार सभी अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त करने और कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश आयुक्त और मुख्य सचिव को दिए है।
इस बीच भवन मालिक के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि दिल्ली में अवैध पांच मंजिले भवनों को तत्काल सील करने के निर्देश जारी किए गए हैं। कार्यालय ने कहा कि श्रीमती गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली के निवासियों की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस प्रकार की अनदेखी करने वाले किसी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।