प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल पर, यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची स्तूप के पवित्र अवशेष मंगोलिया भेजे जा रहे हैं। ये अवशेष भगवान बुद्ध के दो प्रमुख शिष्यों, सारिपुत्र और मौद्गल्यायन से संबधित हैं। इन अवशेषों को आज भोपाल के राजा भोज हवाई अड्डे से राजकीय सम्मान के साथ दिल्ली लाया जाएगा।
नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में कल इन्हें सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद, 30 मई को भारतीय वायु सेना का एक विशेष विमान इन्हें मंगोलिया ले जाएगा।
ये अवशेष मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में 31 मई से सार्वजनिक दर्शन के लिए रखे जाएंगे। वहां दस लाख से अधिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के दर्शन के लिये पंहुचन की उम्मीद है।
यह पहल भारत और मंगोलिया के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को और मजबूत करेगी। इससे सांची जैसे बौद्ध तीर्थ स्थलों के प्रति विदेशी पर्यटकों की रुचि भी बढ़ेगी।