रूस ने कल यूक्रेन पर एक बड़ा ड्रोन हमला किया जिसमें नाटो देशों की सीमाओं के पास पश्चिमी क्षेत्रों में मुख्य रूप से महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है। इसमें छह लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गये। यूक्रेन ने कहा है कि रूस ने लगभग 800 ड्रोन दागे और उसके बाद मिसाइलों से भी हमले किये।
एक सोशल मीडिया पोस्ट में यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोद्योमिर जेंलेस्की ने कहा कि हमले का समय जानबूझ कर चुना गया था। उन्होंने कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति की चीन यात्रा के बीच रूस द्वारा यूक्रेन पर ये अब तक के सबसे बडे हमलों में एक था।
सीमाओं के पास हमलों को देखते हुए पोलैंड ने एहतियात के दौर पर लडाकू विमान तैनात कर दिये। स्लोवाकिया ने भी सुरक्षा कारणों के मद्देनज़र यूक्रेन से लगी कुछ सीमाओं को अस्थाई रूप से बंद कर दिया। इस बीच, हंगरी ने हमलों की कडी निन्द करते हुए रूस के राजदूत को बुलाया। श्री जेंलेस्की ने हंगरी के इस कदम की प्रशंसा की। मोलदोवा ने कहा है कि एक ड्रोन के रडार गायब होने से पहले वह लगभग तीन सौ किलोमीटर उसके हवाई क्षेत्र में घुस गया था।
ये हमला रूस और यूक्रेन के बीच अमरीका द्वारा मध्यस्थ युद्ध विराम के सोमवार को समाप्त होने तीन दिन के बाद हुआ है।