रिज़र्व बैंक की बैलेंस शीट इस वर्ष मार्च के अंत तक 20.6% की वृद्धि के साथ 91.97 लाख करोड़ रुपये हो गयी। रिज़र्व बैंक की आज जारी वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, यह बढ़ोतरी घरेलू निवेश तथा स्वर्ण और विदेशी निवेश में वृद्धि के कारण हुई है।
इस वित्तीय वर्ष के दौरान बैलेंस शीट में 15 लाख 71 हजार 999 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज हुई। पिछले वर्ष की 31 मार्च को यह 76 लाख 25 हजार 422 करोड़ रुपये थी, जबकि इस वर्ष 31 मार्च को बढ़कर 91 लाख 97 हजार 121 करोड़ रुपये हो गयी। आस्तियां पक्ष में वृद्धि घरेलू निवेश, स्वर्ण और विदेशी निवेश में क्रमश: 44.9%, 63.8% और 7.9% की बढ़ोतरी से हुई। देयता पक्ष में पुनर्मूल्यांकन खाते, जारी नोट, जमा और अन्य देयताओं में 63.4%, 11.8%, 11.6% और 21.1% की बढ़ोतरी हुई।
रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष 31 मार्च को रिज़र्व बैंक के पास 880 दशमलव पांच-दो मीट्रिक टन का स्वर्ण भंडार था, जबकि पिछले वर्ष 31 मार्च को यह 879 दशमलव पांच-आठ मीट्रिक टन था। इस प्रकार वर्ष के दौरान इसमें शून्य दशमलव नौ-चार मीट्रिक टन की बढोतरी हुई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि गोल्ड डिपॉजिट सहित स्वर्ण भंडार का मूल्य 63 दशमलव छह प्रतिशत बढ़कर सात लाख छह हजार 162 करोड़ रुपये हो गया है। यह बढोतरी सोने के मूल्य में वृद्धि और डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट की वजह से हुई है।