विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के संबंध तभी आगे बढ़ सकते हैं, जब आतंकवाद, शत्रुता और हिंसा से मुक्त वातावरण हो। लोकसभा में एक लिखित उत्तर में डॉ. जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान अब भी सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने और आतंकवाद को भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने की नीति पर कायम है। उन्होंने बताया कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र का दर्जा वापस ले लिया था और उससे आयात तथा निर्यात होने वाले सभी वस्तुओं पर सीमा शुल्क बढ़ाकर 200 प्रतिशत कर दिया था।
विदेश मंत्री ने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने कई राजनयिक कदम भी उठाए। इनमें सिंधु जल संधि को स्थगित रखना, अटारी सीमा चौकी को बंद करना, वीजा संबंधी प्रतिबंध लगाना तथा दोनों देशों के उच्चायोगों में राजनयिक और आधिकारिक कर्मचारियों की संख्या कम करना शामिल है।