अक्टूबर 11, 2026 7:02 अपराह्न

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मुद्रा में सट्टेबाजी रोकने और विदेशी मुद्रा बाजार सुचारू रखने के लिए आरबीआई ने नए प्रतिबंध लगाए

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई ने मुद्रा में सट्टेबाज़ी को रोकने और विदेशी मुद्रा बाज़ार को सुचारू रूप से चलाने के लिए रुपये से जुड़े डेरिवेटिव्स पर नई पाबंदियां लगाई हैं। केंद्रीय बैंक ने अधिकृत डीलरों और मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों के लिए बिना हैजिंग या बिना अंडरलाइंग एक्सपोज़र वाले विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव लेनदेन की सीमा को दस करोड डॉलर से घटाकर 50 लाख डॉलर कर दिया है। 
 
नए निर्देशों के तहत, अधिकृत डीलरों को उन विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव अनुबंधों को दोबारा बुक करने की अनुमति नहीं होगी जिनमें रुपया शामिल है और जिन्हें इन निर्देशों के जारी होने के बाद रद्द कर दिया गया था। हालांकि, परिपक्‍वता पर अनुबंधों को रोलओवर करने की अनुमति जारी रहेगी। रिजर्व बैंक ने अनुबंधित एक्सपोज़र की हेजिंग करने वाले यूज़र्स को यह पुष्टि करने का भी निर्देश दिया है कि उसी अंडरलाइंग एक्सपोज़र की हेजिंग किसी अन्य अधिकृत डीलर के साथ नहीं की गई हो। 
 
रिजर्व बैंक ने ‘फ़ॉरेन एक्सचेंज रिस्क रिज़र्व’ शुरू किया है। इसके तहत अधिकृत डीलरों को 20 लाख डॉलर से ज़्यादा मूल्य वाले उन योग्य डेरिवेटिव अनुबंधों के रुपये में मूल्य का 20 प्रतिशत कैश रिज़र्व के तौर पर रखना होगा, जो रुपये के बदले विदेशी मुद्रा की खरीद से जुड़े करंट-अकाउंट एक्सपोज़र की हेजिंग करते हैं। अनुबंध खत्म होने तक यह रिज़र्व रोज़ाना बनाए रखना होगा। 
 
रिजर्व बैंक ने चेतावनी दी है कि कई लेनदेन के ज़रिए इन ज़रूरतों से बचने की कोशिशों को नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। अधिकृत डीलरों को केंद्रीय सूचना प्रबंधन प्रणाली के ज़रिए रोज़ाना ‘फ़ॉरेन एक्सचेंज रिस्क रिज़र्व’ की जानकारी भी देनी होगी। इन उपायों का उद्देश्‍य बाज़ार के अनुशासन को मज़बूत करना, जोखिम प्रबंधन को बेहतर बनाना और विदेशी मुद्रा बाज़ार में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
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