भारतीय रिज़र्व बैंक ने ग्राहकों को अधिक सुविधा देने और वित्तीय बाजारों में प्रतिभागियों के साथ जुड़ाव बढ़ाने के उद्देश्य से कई विकासात्मक तथा नियामकीय उपायों की घोषणा की है। बैंक ने अकाउंट एग्रीगेटर ढांचे के अंतर्गत एनबीएफसी-अकाउंट एग्रीगेटर्स के बीच आपसी-सहभागिता शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत ग्राहक अपनी पसंद के किसी भी एनबीएफसी-अकाउंट एग्रीगेटर्स के माध्यम से अलग-अलग वित्तीय सूचना प्रदाताओं के बीच अपनी वित्तीय जानकारी को देख और साझा कर सकेंगे।
रिजर्व बैंक ने सेबी द्वारा विनियमित डिपॉजिटरीज को भी एनबीएफसी-अकाउंट एग्रीगेटर्स के माध्यम से अपने एकीकृत खाता विवरण में बैंक जमा खातों की जानकारी शामिल करने की सुविधा दी है। इससे डीमैट खाता धारक अपने डीमैट निवेश/होल्डिंग्स और बैंक जमा की जानकारी एक ही स्थान पर देख सकेंगे।