पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सरकारी कर्मचारियों के साथ निर्धारित वार्ता को उनकी हड़ताल समाप्त होने तक रद्द कर दिया है। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि उनकी समस्याओं पर बातचीत तभी होगी जब वे हड़ताल समाप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुद्दे का समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन बातचीत और हड़ताल एक साथ नहीं चल सकतीं।
पंजाब के लाखों सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी आज महंगाई भत्ता जारी करने और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने सहित अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर ‘महा हड़ताल’ कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री के वार्ता संबंधी पोस्ट के तुरंत बाद, पंजाब सचिवालय चंडीगढ़, जालंधर और अन्य स्थानों पर कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल तेज कर दी और सरकार तथा मुख्यमंत्री के खिलाफ नारे लगाए।