लोकसभा में आज लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया गया। पहले स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही फिर शुरू होने पर कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह विधेयक सदन में प्रस्तुत किया। यह विधेयक लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में संशोधन का प्रावधान करता है।
विधेयक पेश किए जाने के दौरान विपक्षी सदस्यों ने नीट मुद्दे पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई पर चर्चा की मांग करते हुए हंगामा किया। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि परीक्षा सुधार की दिशा में यह विधेयक पहला महत्वपूर्ण कदम है और इस पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सदस्यों से सहयोग और सार्थक चर्चा की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इससे पहले, आज सवेरे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष ओम बिरला ने 23वें राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले भारतीय भारोत्तोलकों मीराबाई चानू, चानंबम ऋषिकांत सिंह, राजा मुथुपांडी और पैरा-पावरलिफ्टर झंडू कुमार को बधाई दी। उन्होंने खिलाड़ियों, उनके कोचों और टीम इंडिया के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि प्रश्नकाल के दौरान अन्य विषय नहीं उठाए जा सकते। उन्होंने सदस्यों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने और उसकी गरिमा बनाए रखने की अपील की। अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि सदन की परंपराओं और मर्यादा का उल्लंघन करने वाले सदस्यों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
राज्यसभा में भी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया गया। दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर विपक्ष ने फिर हंगामा किया। इसके बाद सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
इससे पहले, राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने पर आवश्यक दस्तावेज और रसायन और उर्वरक संबंधी संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट सदन में पेश की गई। इसके बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने नियम 267 के तहत छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई पर चर्चा की मांग की।