अगस्त 1, 2026 9:04 पूर्वाह्न

printer

पीओजेके में हो रहे प्रदर्शन पाकिस्तानी सत्ता के खिलाफ जनता की कड़ी नाराजगी का प्रमाण: भारत सरकार

भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर-पीओजेके में हुए तथाकथित चुनाव, पाकिस्तानी सत्ता के खिलाफ जनता की कड़ी नाराजगी का प्रमाण है।

नई दिल्ली में कल संवाददाताओं को जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पीओजेके में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पाकिस्तान लगातार दमन कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में 40 से अधिक लोगों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि पीओजेके के लोगों ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से इन घटनाओं की स्वतंत्र जांच की मांग की है। भारत ने भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान की कार्रवाई की जांच करने और उसे जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया है।

श्री जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के नेताओं के हाल के बयान वहां की गंभीर स्थिति को दर्शातें हैं। उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं और हमेशा रहेंगे। उन्होंने सभी देशों से इस क्षेत्र के लिए सही नाम का इस्तेमाल करने की अपील की।

रूस की सेना में शामिल भारतीय नागरिकों के बारे में श्री जायसवाल ने कहा कि अब तक 139 भारतीयों को वापस लाया जा चुका है और करीब 24 अन्य भारतीयों को वापस लाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने लोगों को फर्जी नौकरी के प्रस्तावों से भी सावधान रहने की सलाह दी।

एमवी एजीवी रैगनर नामक जहाज पर हुए हमले के संबंध में उन्होंने बताया कि जहाज पर चार भारतीय सवार थे। इनमें दो सुरक्षित हैं, जबकि दो अब भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि भारत, यूक्रेन और रोमानिया के अधिकारियों के संपर्क में है और लापता भारतीयों के परिजनों को हर संभव सहायता दी जा रही है।

अमरीका से भारतीय नागरिकों के निर्वासन के बारे में प्रवक्ता ने बताया कि इस वर्ष अब तक एक हजार 260 भारतीयों को वापस भेजा गया है। पिछले वर्ष यह संख्या तीन हजार 567 थी।

एमनेस्टी की रिपोर्ट पर उन्होंने कहा कि रणनीतिक व्यापार नियंत्रण के लिए भारत के पास मजबूत कानूनी व्यवस्था है और दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं तथा प्रौद्योगिकी का निर्यात राष्ट्रीय कानूनों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप किया जाता है।

सर्वाधिक पठित
सम्पूर्ण जानकारी arrow-right

कोई पोस्ट नहीं मिला