अक्टूबर 7, 2026 9:56 अपराह्न

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण का करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल नई दिल्ली के यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) के 10वें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। इंडिया मोबाइल कांग्रेस का आयोजन इस माह 7 से 10 अक्‍टूबर तक किया जाएगा। यह दूरसंचार, डिजिटल कनेक्टिविटी और तकनीकी नवाचार में भारत की उल्लेखनीय प्रगति को प्रदर्शित करेगा। साथ ही यह आयोजन सहयोग, निवेश और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करेगा। आईएमसी 2026 का विषय ‘सीमाओं के बिना विस्तार’ है। यह डिजिटल नवाचार, अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी और प्रौद्योगिकी-आधारित विकास में भारत की बढ़ती क्षमताओं को दर्शाता है। आज से शुरू हुआ यह चार दिवसीय कार्यक्रम दूरसंचार विभाग और सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है।

यह कार्यक्रम नवाचार और अगली पीढ़ी के डिजिटल अवसंरचना, प्रौद्योगिकी-आधारित आर्थिक विकास, समावेशी डिजिटल पहुंच और सुरक्षित तथा लचीले डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के विकास पर केंद्रित होगा। आईएमसी 2026 ने वैश्विक प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों, स्टार्टअप्स, निवेशकों और नवप्रवर्तकों को डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में उभरते अवसरों को तलाशने के लिए एक मंच प्रदान किया है। 2026 संस्करण में नौ स्थापित प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा, जिनमें 5जी और 6जी, अगली पीढ़ी के एआई नेटवर्क, सेमीकंडक्टर, गैर-स्थलीय नेटवर्क, साइबर सुरक्षा, क्वांटम संचार, उद्यम परिवर्तन, चक्रीय अर्थव्यवस्था और ईएसजी, और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण शामिल हैं। यह आयोजन अपने क्षेत्रीय फोकस को चार नए क्षेत्रों – स्मार्ट मोबिलिटी, स्टेडियम अनुभव, औद्योगिक रोबोटिक्स और परिवहन प्रौद्योगिकी – तक विस्तारित करेगा। इस आयोजन में 100 से अधिक देशों के डेढ लाख से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे, जिनमें 500 से अधिक भागीदार और प्रदर्शक, 600 स्टार्टअप और 900 विचारकों की भागीदारी होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 से पहले नई दिल्ली के सेवा तीर्थ में वैश्विक मोबाइल संचार प्रणाली संगठन -जीएसएमए के बोर्ड सदस्यों के साथ बातचीत की। जीएसएमए मोबाइल पारिस्थि‍तिकी तंत्र को एकीकृत करने वाला एक वैश्विक संगठन है। यह मोबाइल ऑपरेटरों तथा इससे जुड़े उद्योगों के संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है। इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रौद्योगिकी को समावेशी और सतत विकास का साधन बनना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के देशों के लिए प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाओं को सस्‍ता और सुलभ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने विकासशील देशों के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना-डीपीआई की परिवर्तनकारी शक्ति की क्षमता को भी उजागर किया। डिजिटल और साइबर धोखाधड़ी की बढ़ती चुनौती को लेकर श्री मोदी ने कहा कि इस समस्या के लिए प्रौद्योगिकी आधारित समाधानों की आवश्यकता है। उन्होंने संभावित धोखाधड़ी वाले कॉलों के बारे में लोगों को आगाह करने के लिए उपयोगकर्ताओं के लिए निरंतर जागरूकता संदेशों का सुझाव दिया।

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