प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज स्वीडन की अपनी दो-दिन की यात्रा के बाद नॉर्वे के लिए रवाना हो गए। श्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि स्वीडन की उनकी यात्रा के कई महत्वपूर्ण परिणाम निकले हैं, जो द्विपक्षीय संबंधों को एक नई गति प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाने, संयुक्त नवाचार साझेदारी के दूसरे चरण और भारत-स्वीडन प्रौद्योगिकी तथा एआई गलियारे’ की शुरुआत करने से लेकर, अगले पांच वर्ष में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने तक-ये चर्चाएं अत्यंत सार्थक रहीं। उन्होंने स्वीडन की जनता, स्वीडन की सरकार और प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन का उनके स्नेह और मित्रता के लिए आभार व्यक्त किया।
हमारे संवाददाता ने बताया है कि द्विपक्षीय संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक उन्नत करने का यह कदम ‘भारत-स्वीडन संयुक्त कार्य योजना (2026-2030)’ द्वारा निर्देशित है। इस व्यापक रूपरेखा का उद्देश्य अगले पांच वर्ष के भीतर द्विपक्षीय आर्थिक आदान-प्रदान को दोगुना करना है, तथा विशेष रूप से हरित हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में, “मेक इन इंडिया” और “मेड विद स्वीडन” पहलों के तहत सहयोग को और अधिक गहरा करना है।
इस यात्रा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण वह था, जब प्रधानमंत्री को ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’ से सम्मानित किया गया-यह स्वीडन का किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है, जो दोनों राष्ट्रों के बीच गहरे होते सभ्यतागत और लोकतांत्रिक बंधनों का प्रतीक है।