अक्टूबर 31, 2026 9:42 अपराह्न

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में राष्‍ट्र ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री मोदी ने राष्ट्र की एकता को आकार देने और उसकी रक्षा में सरदार पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्‍लेख किया।

सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह आज शाम गुजरात के एकता नगर में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ संपन्न हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परेड ग्राउंड में आयोजित विशाल जनसभा में सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करने में राष्ट्र का नेतृत्व किया। उन्होंने जनसभा में उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने वामपंथी उग्रवाद को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां 2015 में 126 जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित थे, वहीं मार्च 2026 तक सभी जिले में वामपंथी उग्रवाद से मुक्त हैं। श्री मोदी ने हिमालय से लेकर हिंद महासागर तक फैली भारत की भौगोलिक और भावनात्मक एकता को सुरक्षित रखने का श्रेय सरदार पटेल को दिया। उन्होंने राष्ट्र में एकता कायम करने और उसके संरक्षण में सरदार पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर, काशी विश्वनाथ और राम मंदिर सहित सांस्कृतिक केंद्रों का पुनर्निर्माण भारत के बढ़ते आत्मसम्मान और आर्थिक प्रगति का प्रतीक है। श्री मोदी ने कहा कि इस समय भारत पहले से अधिक सुरक्षित और दृढ़ है और इसका एक प्रमुख कारण जनता का बढ़ता आत्मविश्वास है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें प्रत्येक प्रयास 2047 तक सुदृढ़ और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प से प्रेरित होकर करना चाहिए।   

 समारोह का प्रमुख आकर्षण एकता परेड थी, जिसमें नौ राज्यों, एक केंद्र शासित प्रदेश, चार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, एनसीसी और एक मार्चिंग बैंड की 16 टुकड़ियों ने भाग लिया। परेड में ‘नक्सल मुक्त भारत’ पर एक विशेष प्रस्तुति दी गई, जिसमें वामपंथी उग्रवाद को सफलतापूर्वक समाप्त करने वाली टुकड़ियों ने मार्च-पास्ट किया। इसके अलावा, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय ने वामपंथ प्रभावित जिलों के दो हजार कलाकारों को शामिल कर एक विशाल नाट्य प्रस्तुति दी, जिसमें शांति और विकास की ओर की उनकी यात्रा को दर्शाया गया।

इस आयोजन के विशेष आकर्षणों से दर्शक रोमांचित हो उठे। इनमें बीएसएफ और सीआरपीएफ के जवानों के मोटरसाइकिल के साहसिक प्रदर्शन, बीएसएफ के मार्शल आर्ट का प्रदर्शन और भारतीय वायु सेना के शानदार ‘सूर्य किरण’ फ्लाईपास्ट शामिल थे।

बाद में शाम को, ‘वंदे मातरम’ विषय पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम में राष्ट्रगान के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया गया। देश भर से आए पांच हजार कलाकारों ने भारत की क्षेत्रीय परंपराओं का प्रदर्शन किया, जो ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को दर्शाते हैं। इस कार्यक्रम में झांकियां भी प्रस्तुत की गईं, जिन्हें नागरिकों की राष्ट्रव्यापी प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रस्तुत डिजाइनों के आधार पर बनाया था।

इससे पहले सुबह, प्रधानमंत्री ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित की। अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने ‘वर्षावन’ और ‘वामन वृक्ष वाटिका’ का भ्रमण भी किया और क्षेत्र में 426 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की इकत्तीस पर्यटन और अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

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